कर्व्ड या फ्लैट डिस्प्ले: स्मार्टफ़ोन में कौन सी डिस्प्ले चुननी चाहिए

Curved vs Flat Display Smartphone: वर्तमान में कई बेहतर फ़ीचर्स के साथ स्मार्टफ़ोन आ रहे हैं और इसी में कर्व्ड या फ्लैट डिस्प्ले का फ़ीचर या ट्रेंड भी शामिल है। स्मार्टफ़ोन ख़रीदते समय, फ़ीचर्स के साथ – साथ सही प्रकार की स्मार्टफ़ोन डिस्प्ले का चुनाव करना भी ज़रूरी है, चाहे वह कर्व्ड स्क्रीन हो या फ्लैट स्क्रीन। दोनों ही प्रकार की स्क्रीन के अपने फ़ायदे भी हैं और नुक़सान भी, इसीलिए इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि कौन सा स्मार्टफ़ोन डिस्प्ले स्क्रीन सबसे बेहतर है।

फ्लैट स्मार्टफ़ोन डिस्प्ले के बारे में

पारंपरिक स्मार्टफ़ोन स्क्रीन अधिकतर फ्लैट स्मार्टफ़ोन स्क्रीन होते थे जिनके अपने कई फ़ायदे और नुक़सान हैं जो कि इस प्रकार हैं –

  • फ्लैट स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन का उपयोग करना आसान है, और दिखने में भी काफ़ी साधारण से हैं।
  • इस स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन के साथ बिना किसी समस्या के स्मार्टफ़ोन कवर और स्क्रीन प्रोटेक्टर का उपयोग किया जा सकता है। इतना ही नहीं फ्लैट स्क्रीन के स्क्रीन प्रोटेक्टर भी आसानी से मिल जाते हैं।
  • दूसरा फ्लैट स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन में किसी भी प्रकार का कंटेंट सीधे स्क्रीन पर दिखाई देता है, कर्व्ड स्क्रीन की तरह स्क्रीन की किनारों पर डिस्प्ले नहीं होता है।
  • अगला, इस स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन टिकाऊ होते हैं क्यूँकि किनारों की स्क्रीन टूटने का कोई डर नहीं रहता है। इसी कारण के ये किफ़ायती भी होते हैं।
  • फ्लैट स्क्रीन 6 इंच – 6.5 इंच की स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन के सबसे उपयुक्त है परंतु इससे अधिक स्क्रीन साइज वाले स्मार्टफ़ोन को एक ही हाथ में पकड़े हुए उसी हाथ के अंगूठे से स्मार्टफ़ोन की स्क्रीन को ऐक्सेस करना या चलाना मुश्किल हो जाता है। अर्थात् 6 इंच – 6.5 इंच से बड़ी फ्लैट स्क्रीन साइज़ वाला स्मार्टफ़ोन एक बेहतर ग्रिप (Grip) देने में दिक़्क़त कर सकता है।

कर्व्ड स्मार्टफ़ोन डिस्प्ले के बारे में

कर्व्ड स्मार्टफ़ोन डिस्प्ले फ्लैट डिस्प्ले से काफ़ी अलग होते हैं, कर्व्ड स्क्रीन बेज़ेल-लेस लुक के साथ फुल स्क्रीन का अनुभव देते हैं। निःसंदेह कर्व्ड स्क्रीन वाले स्मार्टफ़ोन देखने में बहुत ही अच्छे लगते हैं और अधिकतर फ़्लैगशिप स्मार्टफ़ोन में कर्व्ड डिस्प्ले पाई जाती है। इस स्क्रीन के उपयोग के भी अपने फ़ायदे और नुक़सान हैं जो कि इस प्रकार हैं –

  • कर्व्ड स्क्रीन का सबसे पहला फ़ायदा है कि 6.5 इंच से बड़ी स्क्रीन साइज़ वाले स्मार्टफ़ोन कर्व्ड स्क्रीन के साथ काफ़ी कॉम्पैक्ट दिखते हैं तथा उनकी ग्रिप भी अच्छी होती है। 
  • कर्व्ड स्क्रीन दिखने में तो अच्छी लगती है परंतु इसको maintain करना थोड़ा मुश्किल है जैसे कि स्मार्टफ़ोन केस और स्क्रीन प्रोटेक्टर का उपयोग इस डिस्प्ले पर थोड़ा मुशिकल है।
  • यह स्क्रीन टिकाऊ भी कम होती है, क्योंकि इसके edegs भी स्क्रीन में आते हैं जिससे edegs में क्रैक आने से डिस्प्ले में दिक़्क़त आ सकती है।
  • अगला सबसे बड़ी समस्या है false touch, इसमें यूज़र का गलती से स्क्रीन (edge) टच करने पर फ़ोन सेंसिटिव रिस्पांस देता है। इससे फ़ोन को किनारों से पकड़ने में भी दिक़्क़त हो सकती है। 

निष्कर्ष: फ्लैट या कर्व्ड कौन सा है बेहतर

ऊपर हमने कर्व्ड डिस्प्ले और फ्लैट डिस्प्ले (Curved vs Flat Display) के बारे में जाना है, एक दिखने में निःसंदेह बहुत अच्छा है और एक स्मार्टफ़ोन को पारंपरिक लुक देता है। दोनों ही स्क्रीन के अपने फ़ायदे और नुक़सान है, परंतु देखा जाये तो दोनों ही स्क्रीन का उपयोग स्मार्टफ़ोन के साइज़ पर निर्भर कर सकता है। अर्थात्, यदि उपभोक्ता 6.5 इंच से बड़ी स्क्रीन के स्मार्टफ़ोन का चुनाव कर रहा है तो कर्व्ड डिस्प्ले सही हो सकता है और यदि वह 6.5 इंच से छोटी स्क्रीन के स्मार्टफ़ोन का चुनाव कर रहा है तो फ्लैट स्क्रीन का चुनाव सही हो सकता है।

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इसके अलावा उपभोक्ता की ज़रूरत और पसंद पर भी निर्भर करता है कि वह किस प्रकार की स्क्रीन का चुनाव करना चाहेगा। लेकिन देखा जाये तो कई मायनों में फ्लैट स्क्रीन कर्व्ड स्क्रीन से बेहतर है।