Foldable Smartphone खरीदना चाहिए या नहीं?

Smartphone के आविष्कार के बाद उसमें लगातार समय के साथ बदलाव आते रहे है। Simple Keypad से लेकर टच स्क्रीन ने फोन को Smartphone में convert किया है। इसमें अब एक और नाम जुड़ गया है ‘Foldable Smartphone’। वैसे तो इसको लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी लेकिन इसे हकीकत बनने में काफी लंबा समय लगा है।

Foldable Smartphone में आपको टैबलेट और स्मार्टफोन दोनों का हीं आनंद उठा सकते है। लेकिन मार्केट में जब भी कोई नई टेक्नोलॉजी आती है तो लोग उसे खरीदने को लेकर असंमजस में पड़ जाते है। अगर आप भी confused है की Foldable Smartphone खरीदना चाहिए या नहीं? तो आज इस आर्टिकल में आपको वो सारे confusion दूर हो जाएंगे। 

Foldable Smartphone क्या है? (What is Foldable Smartphone?) : 

Foldable Smartphone एक ऐसा फोन है जिसे आप एक पेपर की तरह फोल्ड कर सकते है। पुरी स्क्रीन टच होने के बावजूद आप इस फोन को फोल्ड कर सकते है। Foldable स्मार्टफोन को fold करते ही यह नोर्मल स्मार्टफोन की तरह बन जाता है लेकिन इसे खोलते हीं इसकी स्क्रीन टैबलेट की तरह हो जाती है। ऐसे आप इस फोन के जरिए स्मार्टफोन के साथ साथ टैबलेट का एक्सपीरियंस भी ले सकते है। 

सबसे पहले साल 2011 में Samsung ने इस concept को लोगों के सामने रखा और आखिरकार 2018 में पहले Foldable Smartphone का आविष्कार हुआ। Foldable Smartphone का एक उद्देश्य यह भी था कि बड़ी स्क्रीन को compact रूप में बदलना। 

सबसे पहला Foldable Smartphone कौन सा था? (Which was the first foldable Smartphone?) : 

वैसे तो पुराने flip फोन्स जिसमें उपर की और स्क्रीन और नीचे keypad दिया जाता था वहीं पहला Foldable Smartphone कह सकते है। पहला Flip Phone मोटोरोला ने साल 1996 में introduce किया था। 

Foldable Smartphone की बात करें तो की लोगों का मानना है कि पहला Foldable Smartphone सैमसंग ने लॉन्च किया था लेकिन हकीकत में चाइनीज स्टार्टअप कंपनी Royole ने Royole Flexpai नाम का पहला Foldable Smartphone लॉन्च किया था। हालांकि कई उसमें कई सारे टेक्नोलॉजिकल glitch थे, जिसके बाद Samsung और Huawei ने Foldable Smartphone लॉन्च किए। 

Foldable Smartphone में कौन सी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाती है? (What technology is used in foldable Smartphone?) : 

Foldable Phone में अलग तरह का mechanism इस्तेमाल किया जाता है। Foldable Phone मतलब बड़ी डिस्प्ले मतलब ज्यादा बैटरी बैकअप की आवश्यकता और डिस्प्ले को साथ में जोड़े रखना और एक स्क्रीन जिसे एक पेपर की तरह मोड़ा जा सके। आज के ज्यादातर स्मार्टफोन में LCD डिस्प्ले का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे कांच के बेस पर बनाया जाता है और उसके टोप पर RGB कलर पैनल लगाई जाती है। LCD का बेस LED उत्पन्न करती है जिससे लाइट उत्पन्न होती है और हम ईमेज देख सकते है। लेकिन LCD डिस्प्ले में कांच का इस्तेमाल होता है जिसे हम fold नहीं कर सकते। 

Foldable Smartphone में OLED डिस्प्ले की जरूरत पड़ती है। OLED डिस्प्ले में RGB फ़्युज़ हो जाते है और वो अपने आप हीं लाइट को उत्पन्न कर सकते है। जिसकी वजह से यह डिस्प्ले LCD की तुलना में ज्यादा पतली होती है। Foldable Smartphone में प्लास्टिक बेस का इस्तेमाल किया जाता है। इस फोन की टेक्नोलॉजी जितनी आसानी दिखती है उतनी ही जटिल है। Samsung दोनों स्क्रीन को एक साथ जोड़ने के लिए मल्टिपल इंटरलोकिंग गिअर्स का इस्तेमाल करती है, जिससे फोन durable और smooth function कर पाता है। Microsoft और Huawei भी यहीं टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है जिससे फोन एक किताब की तरह आसानी से बंद और खुल सके। 

Foldable Smartphone का कोई future है? (Do foldable Smartphone have a future) :

शुरुआत में Foldable Smartphone की टेक्नोलॉजी ने की लोगों को impress किया। लेकिन फिर उसकी नाज़ुक build quality ने उसके future पर कई सवाल खड़े कर दिए। हालांकि अब Samsung, Motorola, Microsoft, Huawei और ZTE ने foldable डिवाइस को बेहतर बनाने की कोशिश में काफी हद तक सफलता हासिल की है। 

हालांकि की कस्टमर्स नोर्मल स्मार्टफोन की तरह foldable smartphone में भी बेहतर बैटरी और कैमरा expect कर रहे है, इतना ही नहीं नोर्मल स्मार्टफोन की तुलना में Foldable Smartphone की प्राइस भी एक बहुत बड़ा drawback है। हाल में तो Foldable Smartphone का कोई खास मार्केट नहीं दिख रहा लेकिन इसे future बनाने के लिए कई कंपनियां इसमें बदलाव करने की पूरी कोशिश कर रही है। 

pcmag.com के Foldable Smartphone के एक सर्वे के मुताबिक , USA में 82% लोग ऐसे हैं जिन्हें Foldable Smartphone खरीदने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है। कारण price ज्यादा और features कम।

Foldable Smartphone के Pros? (What are the pros of foldable Smartphones?) : 

  • Foldable Smartphone में उसका प्लस प्वाइंट उसकी बड़ी डिस्प्ले है जो आपको एक बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस देता है। 
  • इसमें दो स्क्रीन होने की वजह स मल्टिटास्किंग आसानी से किया जा सकता है। 
  • बड़ी स्क्रीन होने की वजह से कैमरा क्वालिटी भी आपको बढ़िया मिलेगी। 

Foldable फोन के problems? (What are the cons of Foldable Smartphone?) :

  • स्मार्टफोन के ज्यादातर फीचर्स न होने के बावजूद भी Foldable Smartphone की प्राइस।
  • Foldable Smartphone दूसरे स्मार्टफोन की तुलना में अधिक नाजुक होते है, जिसकी वजह से उसमें crack या फिर टूटने का डर बना रहता है। 
  • Fold होने के बाद यह फोन नोर्मल स्मार्टफोन की तुलना में ज़्यादा हेवी हो जाते है। 
  • स्मार्टफोन की तुलना में इसमें बैटरी बैकअप काफी कम मिलता है जिसकी वजह बैटरी जल्दी हीं डाउन हो जाती है। 

Foldable Smartphone खरीदना कितना सही है? (Are folding phones worth it?) : 

वैसे तो कई कंपनियां Foldable Smartphone में अपटेड कर रही है लेकिन एक एवरेज युजर के लिए यह स्मार्टफोन कुछ खास नहीं है। Foldable Smartphone की प्राइस और खराब बैटरी बैकअप, नाज़ुक डिस्प्ले, हाई रिपेयरिंग कोस्ट इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आप अभी यह फोन खरीदने की सोच रहे है तो आपको थोड़ा सब्र करने की जरूरत है। Foldable Smartphone अभी भी कई सारे बदलाव से गुजर रहा है और शायद इसीलिए Apple ने भी Foldable Smartphone को लॉन्च करने में अभी भी चुप्पी साधी हुई है। इतना ही नहीं इस फोन वेल्यु भी बहुत ही जल्दी कम हो जाती है, मतलब जो फोन आप 1 लाख में खरीद रहे हैं उसकी किंमत कुछ ही दिन में बहुत कम देखने को मिलेगी।