वेबकैम ख़रीदते समय क्या देखना चाहिए?

Webcam Buying Guide: आज कल ऑफिस से लेकर सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं और ऐसे में अधिकतर वेबकैम द्वारा वीडियो मीटिंग, कॉन्फ़्रेंसिंग या कॉलिंग की आवश्यकता पड़ती ही रहती है। आजकल पढ़ाई के क्षेत्र में भी वेबकैम की ज़रूरत पड़ती है। हालाँकि अचानक से ज़रूरत पड़ने पर लोग मोबाइल के फ़ोन से काम चला लेते हैं, लेकिन लैपटॉप या डेस्कटॉप से ऑनलाइन कार्य को काफ़ी सहूलियत से किया जा सकता है।

वैसे तो लैपटॉप की ख़रीददारी पर वेबकैम इसमें इन बिल्ट होता है लेकिन ज़रूरत पड़ने पर एक एक्स्टरनल वेबकैम को लैपटॉप या डेस्कटॉप से कनेक्ट कर सकते हैं। लेकिन ध्यान दें वेबकैम ख़रीदते वक़्त कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। आइये इस लेख से जानते हैं कि वेबकैम ख़रीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अपनी ज़रूरतें पहचाने

सर्वप्रथम उपभोक्ता को यह ज़रूर पता होना चाहिए कि उसे एक्सटर्नल वेबकैम की ज़रूरत है कि नहीं। लैपटॉप के साथ बिल्ट – इन वेबकैम अधिक अच्छी क्वालिटी के नहीं होते हैं लेकिन थोड़ा – बहुत कार्य अवश्य हो जाता है। यदि आप घंटों तक वेबकैम के माध्यम से कई ज़रूरी काम करते हैं ऑनलाइन पढ़ना, ऑनलाइन क्लासेज़ लेना, अधिकतर कॉन्फ़्रेंस में हिस्सा लेना तो आपके लिए एक्सटर्नल वेबकैम आवश्यक है। 

रेजोल्यूशन

किसी भी वेबकैम का रेजोल्यूशन उसका सबसे ज़रूरी फ़ीचर होता है तो इसलिए Webcam Buying Guide में ये important point है। जब भी वेबकैम ख़रीदे तो ध्यान दें की वेबकैम का रेजोल्यूशन कम से कम 720p या इससे अधिक होना चाहिए।  वर्तमान समय में 1080p रेजोल्यूशन के वेबकैम अधिक चलन में है, इनकी क्वालिटी भी अच्छी होती है और ये लगभग सभी प्लेटफार्म को सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा 1080p वेबकैम अधिक महँगे भी नहीं होते हैं।

फ़्रेम रेट

अगला फ़ीचर है वेबकैम का फ़्रेम रेट, एक बेहतर फ़्रेम रेट का वेबकैम अच्छी और स्मूथ क्वालिटी की वीडियो उपलब्ध कराता है। साधारण भाषा में फ़्रेम रेट का अर्थ होता है कि एक सेकंड में कितनी पिक्चर या फोटो अपडेट हो रही है। फ़्रेम रेट को frame rate per second (fps) में मापा जाता है। किसी भी वीडियो को स्ट्रीम करने के लिए कम से कम होना 15 fpsचाहिये, इसी के साथ एक वेबकैम के माध्यम से अच्छी वीडियो आउटपुट के लिए 30fps उपयुक्त है। उपभोक्ता 60fps के वेबकैम को भी ख़रीद सकते हैं।

लेंस क्वालिटी

वेबकैम ख़रीदते समय इसकी लेंस क्वालिटी का भी ध्यान रखना चाहिए। उपभोक्ताओं को मार्केट में वेबकैम दो लेंस, प्लास्टिक लेंस और ग्लास लेंस में मिलेंगे। प्लास्टिक लेंस की अपेक्षा में ग्लास लेंस अधिक टिकाऊ और बेहतर परफॉरमेंस देते हैं। लेकिन ग्लास लेंस, प्लास्टिक लेंस की तुलना में थोड़े से अधिक महँगे होते हैं। Webcam Buying Guide में यह एक important पॉइंट है।

फील्ड ऑफ़ व्यू

अगला है वेबकैम का फील्ड ऑफ़ व्यू, सीधी भाषा में आपका वेबकैम ऑन होने पर कितने क्षेत्र को कवर करता है। अर्थात् उपभोक्ता के वेबकैम के उपयोग करने पर यह कमरे के कितने क्षेत्र को कवर करेगा। फील्ड ऑफ़ व्यू फ़ीचर को डिग्री में मापा जाता है। 60 डिग्री फील्ड ऑफ़ व्यू वाला वेबकैम सामान्य उपयोग के लिए उपयुक्त है, यदि उपभोक्ता बड़े क्षेत्र को कवर करना चाहते हैं तो 78 डिग्री  फील्ड ऑफ़ व्यू वाला वेबकैम ख़रीद सकते हैं।

बिल्ट – इन माइक्रोफोन

वेबकैम ख़रीदते समय बिल्ट – इन माइक्रोफोन वाले वेबकैम को ही चुने, इससे उफोक्ता की ऑडियो संबंधित समस्या भी दूर हो जाएगी। वर्तमान समय में कई सही क़ीमत पर बिल्ट – इन माइक्रोफोन वाले वेबकैम मिल जाएँगे।

वेबकैम कनेक्शन

वेबकैम वायर्ड और वायरलेस कनेक्शन, दोनों विकल्पों के साथ आते हैं।  वायर्ड वेबकैम USB केबल के माध्यम से लैपटॉप या डेस्कटॉप से कनेक्ट होता है जबकि वायरलेस वेबकैम वाई – फ़ाई के माध्यम से कनेक्ट होता है। उपभोक्ता अपनी ज़रूरत के अनुसार चुनाव कर सकते हैं।

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अंततः वर्तमान समय कि ज़रूरतों को देखते हुए वेबकैम एक ज़रूरी एक्सेसरी है। इसको ख़रीदते समय उपरोक्त बातों (Webcam Buying Guide) के साथ इसके अन्य फ़ीचर्स जैसे ऑटोफ़ोकास, मोशन – सेंस, वेबकैम की सिस्टम ज़रूरतें इत्यादि भी जान लें। ध्यान दें वेबकैम की सिस्टम ज़रूरतें इसलिए जानना ज़रूरी है क्योंकि सभी वेबकैम सभी ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट नहीं करते हैं।